- महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में अब मिलेगा दक्षिण भारतीय प्रसाद, श्रद्धालुओं के लिए शुरू हुई विशेष सात्विक भोजन व्यवस्था
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 29-07-2026
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 28-07-2026
- महाकाल मंदिर पहुंचे फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर, भस्म आरती में शामिल होकर किया पूजन-अभिषेक
- सावन में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए काल भैरव मंदिर को ₹10 लाख के बैरिकेड्स भेंट, उज्जैन पहुंची पहली खेप
भस्मआरती में बाबा महाकाल का मावे से किया श्रृंगार, मखाने की माला पहनाई, खोली गई तीसरी आंख
सार
आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही की श्रृंगार में बाबा महाकाल की तीसरी आंख खुल गई, मावे से श्रृंगार से सजाकर उन्हें मखाने की माला भी पहनाई गई। पुजारियों ओर पुरोहितों द्वारा विशेष श्रृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट व मुंड माला धारण करवाई गई।
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज सबसे पहले वीरभद्र की आज्ञा लेकर चांदी गेट खोले गए और फिर अलसुबह 3 बजे भस्मारती की शुरुआत हुई। जिसके बाद बाबा महाकाल का विशेष पूजन अर्चन कर भस्म आरती की गई।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण कृष्ण पक्ष की सप्तमी और शनिवार के महासंयोग पर सुबह 3 बजे भस्म आरती के दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुले गए। पण्डे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।
आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही की श्रृंगार में बाबा महाकाल की तीसरी आंख खुल गई, मावे से श्रृंगार से सजाकर उन्हें मखाने की माला भी पहनाई गई। पुजारियों ओर पुरोहितों द्वारा विशेष श्रृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट व मुंड माला धारण करवाई गई। जिसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। जिससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।